मंत्रिमंडल ने हरित ऊर्जा के लिए महत्वपूर्ण ग्रेफाइट, सीज़ियम, रूबिडियम और ज़िरकोनियम खनिजों की रॉयल्टी दरों को युक्तिसंगत बनाने के लिए मंजूरी दी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीयमंत्रिमंडल ने आज की बैठक में सिजियम, ग्रेफाइट, रूबिडियम और जिरकोनियम की रॉयल्टी दर कोनिम्नानुसार विनिमय/संशोधित करने को मंजूरी दे दी है:
| खनिज पदार्थ | रॉयल्टी दर |
| सीज़िअम | उत्पादित अयस्क में निहित सीज़ियम धातु पर प्रभार्य सीज़ियम धातु के औसत बिक्री मूल्य (एएसपी) का दो प्रतिशत |
ग्रेफाइट
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यथामूल्य आधार पर एएसपी का दो प्रतिशत
यथामूल्य आधार पर एएसपी का चार प्रतिशत
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| रूबिडियम | उत्पादित अय्यक में निहित रूबिडियम धातु पर प्रभार्य रूबिडियम धातु के एएसपी का दो प्रतिशत |
केंद्रीय मंत्रिमंडल के उपरोक्त निर्णय से सीज़ियम, रूबिडियम और ज़िरकोनियम युक्त खनिज ब्लॉकों कीनीलामी को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल इन खनिजोंका उपयोग किया जा सकेगा, बल्कि उनके साथ पाए जानेवाले महत्वपूर्ण खनिजों जैसे लिथियम, टंगस्टन, आरईईएस, नाइओबियम आदि का भी उपयोग किया जासकेगा। यथामूल्य आधार पर ग्रेफाइट की रॉयल्टी दरों कानिर्धारण आनुपातिक रूप से सभी ग्रेडों में खनिज कीकीमतों में परिवर्तन लाएगा। इन खनिजों के स्वदेशीउत्पादन में वृद्धि से आयात और आपूर्ति श्रृंखला कीकमजोरियों में कमी आएगी और देश में रोजगार के अवसरभी पैदा होंगे।
ग्रेफाइट, सीज़ियम, रुबिडियम और ज़िरकोनियम उच्चतकनीक अनुप्रयोगों और ऊर्जा संक्रमण के लिए महत्वपूर्णखनिज हैं। ग्रेफाइट और जिरकोनियम भी खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (एमएमडीआरअधिनियम) में सूचीबद्ध 24 महत्वपूर्ण और रणनीतिकखनिजों में से हैं।
ग्रेफाइट इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बैटरी में एक महत्वपूर्णघटक है। यह मुख्य रूप से एनोड सामग्री के रूप में काम आता है, इससे उच्च चालकता और चार्ज क्षमता सक्षमबनती है। हालांकि, भारत ग्रेफाइट की अपनी आवश्यकताका 60 प्रतिशत आयात करता है। वर्तमान में, देश मेंग्रेफाइट की नौ खदानों में काम चल रहा है और 27 ब्लॉकोंकी सफलतापूर्वक नीलामी हो चुकी है। इसके अलावा, जीएसआई और एमईसीएल ने 20 से अधिक ग्रेफाइटब्लॉक सौंपे हैं, इनकी नीलामी की जाएगी और लगभग 26 ब्लॉकों की खोज की जा रही है।
ज़िरकोनियम एक बहुमुखी धातु है, इसका उपयोग विभिन्नउद्योगों में किया जाता है। इसमें परमाणु ऊर्जा, एयरोस्पेस, स्वास्थ्य देखभाल और विनिर्माण शामिल हैं। असाधारणसंक्षारण प्रतिरोध और उच्च तापमान स्थिरता के कारणसीज़ियम का उपयोग मुख्य रूप से उच्च तकनीक वालेइलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में किया जाता है, विशेष रूप से परमाणुघड़ियों, जीपीएस सिस्टम, अन्य उच्च परिशुद्धता उपकरणों के साथ-साथ कैंसर चिकित्सा सहित अन्य चिकित्साउपकरणों आदि में। रुबिडियम का उपयोग फाइबरऑप्टिक्स, दूरसंचार प्रणाली, नाइट विजन उपकरणों आदिमें उपयोग किए जाने वाले विशेष चश्मे बनाने में कियाजाता है।
हाल ही में, केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों कीनीलामी के छठे चरण के लिए 16 सितंबर, 2025 कोएनआईटी जारी की है। इसमें ग्रेफाइट के पांच ब्लॉक, रुबिडियम के दो ब्लॉक और सीज़ियम और ज़िरकोनियमके एक ब्लॉक (विवरण संलग्न) भी शामिल हैं। रॉयल्टी कीदर पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की आज की मंजूरी से बोली लगाने वालो को नीलामी में अपनी वित्तीय बोलियांतर्कसंगत रूप से जमा करने में मदद मिलेगी।
1 सितंबर, 2014 से ग्रेफाइट की रॉयल्टी दर रुपये प्रतिटन के आधार पर विनिदष्ट की गई है। यह महत्वपूर्ण औररणनीतिक खनिजों की सूची में एकमात्र खनिज है, इसकी रॉयल्टी दर प्रति टन के आधार पर निर्दिष्ट की गई थी।इसके अलावा, विभिन्न ग्रेडों में रॉयल्टी उपार्जन खनिज कीकीमतों में परिवर्तन को आनुपातिक रूप से लाने के लिएसभी ग्रेड में ग्रेफाइट की कीमतों में भिन्नता को ध्यान मेंरखते हुए, ग्रेफाइट की रॉयल्टी को अब यथामूल्य आधारपर प्रभारित करने का निर्णय लिया गया है। हाल के वर्षोंमें, अधिकांश महत्वपूर्ण खनिजों की रॉयल्टी दरें दो प्रतिशतसे चार प्रतिशत की सीमा पर निर्दिष्ट की गई हैं।
