सेलाकुई स्थित इक्फाई विश्वविद्यालय देहरादून में एक दिवसीय प्राचार्य सम्मेलन का आयोजन किया गया।
इस सेमिनार में नई शिक्षा नीति के द्वारा भारतीय शिक्षा प्रणाली के समावेशन एवं विस्तार पर चिंतन किया गया। विभिन्न राज्यों से सैकड़ों की संख्या में मौजूद स्कूलों के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की।
इस सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद कर्नल अजय कोठियाल ने शिक्षा के भारतीयकरण पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि छात्रों को शिक्षित होने के साथ साहसिक होना भी आवश्यक है और भारतीय ज्ञान पद्धति यह साहस प्रदान करती है। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विवि के कुलपति प्रोफेसर डॉ राम करण सिंह ने सेमिनार में उपस्थित सभी शिक्षकों का आभार प्रकट किया। उन्होंने स्कूल को उच्च शिक्षा एवं छात्रों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी कहा। इक्फाई सूचना विभाग के उपाध्यक्ष श्री कांत पथूरी ने विवि द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न छात्रवृत्तियों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इक्फाई का उद्देश्य उच्च शिक्षा के लिए मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करना है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता रेनू डी सिंह भी मौजूद रहीं। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय शिक्षा का मूल तत्व वसुधैव कुटुंबकम् में निहित है। भारतीय प्राचीन शिक्षा प्रणाली छात्रों में ज्ञान और कौशल के अलावा प्रेम एवं करुणा का भाव भी पैदा करती है। इसके अतिरिक्त सोमदत्त त्यागी, रजिस्ट्रार डॉ रमेश चंद्र रमोला, राकेश ऋषि शर्मा, श्रुति रस्तोगी, मोनिका खरोला एवं पार्थ उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

