“विस्मृत धरोहर : कत्यूरी राजवंशी दुर्ग मंदिर, लखनपुर चौखुटिया उत्तराखंड” डॉक्यूमेंट्री को अंतर्राष्ट्रीय सम्मान,

मेघालय फिल्म फेस्टिवल में मिले तीन अवॉर्ड देवभूमि उत्तराखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म “विस्मृत धरोहर : कत्यूरी राजवंशी दुर्ग मंदिर, लखनपुर चौखुटिया उत्तराखंड” को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। इस फिल्म को इंटरनेशनल मेघालय फिल्म फेस्टिवल में तीन प्रमुख श्रेणियों में अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

डॉक्यूमेंट्री को बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट मेघालय विजनरी फिल्म मेकर अवॉर्ड प्रदान किया गया। फिल्म के निर्देशक जगदीश चंद्र तिवारी ने इस उपलब्धि को अपने जीवन का एक और गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें वास्तविक सम्मान तब महसूस होगा, जब उत्तराखंड सरकार और स्थानीय लोगों के सहयोग से कत्यूरी राजवंशी दुर्ग मंदिर को एक भव्य मंदिर का स्वरूप मिलेगा।

निर्देशक ने बताया कि यह अवॉर्ड उन्हें उत्तराखंड की संस्कृति और धरोहर के संरक्षण व प्रचार-प्रसार के लिए आगे भी गंभीर लेखन और निर्देशन करने की प्रेरणा देगा। उन्होंने लखनपुर के कत्यूर देवों के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए उनके आशीर्वाद की कामना की।

इस डॉक्यूमेंट्री के निर्माण में सिद्धि सिने उत्तराखंड की निर्मात्री श्रीमती पूजा सिंह ने आर्थिक सहयोग दिया, जिसके लिए निर्देशक ने उनका हृदय से धन्यवाद किया। वहीं फिल्म के डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी (डीओपी) के रूप में ध्रुव त्यागी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फिल्म निर्माण टीम में शामिल हीरा लाल (कुमाऊनी सिंगर, जागर), आनंद बल्लभ बवाड़ी, ईश्वर दत्त कांडपाल, तारा दत्त और जोगा बिष्ट (जोगदा पहाड़ी टूर एंड ट्रेवल्स) सहित पूरी टीम का भी आभार व्यक्त किया गया। निर्देशक ने कहा कि प्राप्त सभी अवॉर्ड वे अपनी पूरी टीम को समर्पित करते हैं।

इसके साथ ही उन्होंने इंटरनेशनल मेघालय फिल्म फेस्टिवल के आयोजकों और जूरी सदस्यों का धन्यवाद किया तथा दर्शकों से निरंतर सहयोग और आशीर्वाद बनाए रखने की अपील की। उन्होंने बताया कि उनकी अगली शॉर्ट फिल्म “ऐना” पोस्ट-प्रोडक्शन में है, जिसे जल्द ही दर्शकों के सामने लाया जाएगा।

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